यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को भारत पहुंच गए हैं। वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख की गंतव्य सीमा पर हुई गलवान झड़प और सैन्य तनाव के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। करीब सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रही इस ऐतिहासिक यात्रा पर पूरी दुनिया की कूटनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। इस प्रतिनिधिमंडल में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के वरिष्ठ नेता काई ची और विदेश मंत्री वांग यी मुख्य रूप से शामिल हैं। आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है, जिसमें दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सुलझाने, रणनीतिक संवाद मजबूत करने और व्यापारिक संबंधों में सुधार जैसे प्रमुख मुद्दों पर गंभीर मंथन होगा। इसके अलावा, ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग लगभग 10 साल बाद एक साथ एक ही मंच पर नजर आएंगे, जिन्हें इससे पहले 2016 के गोवा ब्रिक्स सम्मेलन में एक साथ देखा गया था। बीजिंग का रुख चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कजान और तियानजिन की सफल बैठकों के बाद यह लगातार तीसरा साल है जब दोनों देशों के शीर्ष नेता आमने-सामने मिल रहे हैं। चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के आधार पर संवाद बढ़ाने, आपसी सहयोग को मजबूत करने और मतभेदों को परिपक्वता से सुलझाने के लिए भारत के साथ कदम बढ़ाने को तत्पर है। सीमा प्रबंधन और सीधी उड़ान सेवाओं की बहाली 2020 के तनाव के बाद भारत-चीन संबंधों में आई कड़वाहट को दूर करने की दिशा में हाल ही में कई बड़े कूटनीतिक प्रयास किए गए हैं। बीते महीने 25 अगस्त को बीजिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच 25वें दौर की विशेष वार्ता हुई थी, जिसमें सीमांकन और गश्त प्रबंधन पर 8-सूत्रीय सहमति बनी थी। इसके अलावा, शी जिनपिंग के आगमन के साथ ही चाइना सदर्न एयरलाइंस ने 21 सितंबर से ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच नियमित यात्री उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने की घोषणा की है। बीते छह वर्षों से बंद पड़ी इन उड़ानों के दोबारा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और जन-सम्पर्क को एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking: एशियन गेम्स से बाहर होने के बाद वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी का भावुक वीडियो वायरल; लगाए गंभीर आरोप ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]