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India News: मिडिल ईस्ट संकट पर पीएम मोदी कल सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बड़ी बैठक

by Tarun Bhardwaj • March 26, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में गहराते युद्ध और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान के नियंत्रण से उत्पन्न चुनौतियों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कमान संभाल ली है। वैश्विक ऊर्जा प्रवाह में संभावित बाधाओं और देश की आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पीएम मोदी आगामी शुक्रवार को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे।

इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक संकट के समय केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक साझा रणनीति तैयार करना है।

‘टीम इंडिया’ की भावना से होगा चुनौतियों का सामना

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस बैठक में ‘देश की एकता’ और हर चुनौती का डटकर सामना करने के संकल्प पर जोर देंगे। पीएम मोदी ने हाल ही में राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान चेतावनी दी थी कि चल रहे युद्ध के प्रभाव लंबे समय तक बने रह सकते हैं। उन्होंने राज्यों को प्रोत्साहित किया कि वे भारत की मजबूत विकास गति (Growth Momentum) को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करें।

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के उस दौर को याद दिलाया जब ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत केंद्र और राज्यों ने टीकाकरण और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में अनुकरणीय सहयोग किया था। उनका मानना है कि वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के समय भी वैसी ही एकजुटता की आवश्यकता है।

दो महीने का तेल भंडार सुरक्षित

भारत सरकार ने ईंधन की कमी की अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि देश के पास अगले 60 दिनों (दो महीने) के लिए पर्याप्त तेल और ईंधन का सुरक्षित भंडार उपलब्ध है।

पेट्रोलियम मंत्रालय और पीआईबी (PIB) के अनुसार, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने कच्चे तेल के आयात की अग्रिम व्यवस्था पहले ही पूरी कर ली है, जिससे घरेलू बाजार में ऊर्जा की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण में बनी रहेगी।

विपक्ष और राज्यों के साथ समन्वय

इससे पहले बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई थी, जिसमें सभी दलों को मौजूदा सुरक्षा स्थिति से अवगत कराया गया। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव या सप्लाई चेन बाधित होने का असर देश की आम जनता और औद्योगिक उत्पादन पर न पड़े। मुख्यमंत्रियों के साथ होने वाली इस बैठक में राज्य स्तर पर ईंधन के वितरण, कालाबाजारी पर रोक और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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