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Mathura News: घर में हुए मामूली विवाद से आहत किशोरी ने यमुना में लगाई छलांग; परिजनों का हंगामा

by Tarun Bhardwaj • May 12, 2026
Distraught over a minor domestic dispute, a teenage girl jumped into the Yamuna

Mathura News: घर में हुए मामूली विवाद से आहत किशोरी ने यमुना में लगाई छलांग; परिजनों का हंगामा

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यूनिक समय, मथुरा। धर्मनगरी के यमुनापार थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। घर में हुए मामूली विवाद के बाद पुलिसिया कार्रवाई और कथित ‘दुर्व्यवहार’ से आहत होकर 16 साल की किशोरी खुशी ने सोमवार देर रात यमुना नदी के लोहे के पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

मथुरा के डेगरा निवासी होशियार सिंह की 16 वर्षीय पुत्री खुशी की मौत के मामले में पूरी घटना की शुरुआत घर में हुए एक मामूली विवाद से हुई थी, जिसने डायल 112 की एंट्री के बाद दुखद मोड़ ले लिया।

परिजनों का आरोप है कि पड़ोस के व्यक्ति की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिवार के साथ अभद्रता की और घर में केवल खुशी व उसकी बुजुर्ग दादी को अकेला छोड़कर पिता और भाई को जबरन थाने ले गई। पुलिस की इस कथित कार्रवाई और दुर्व्यवहार से खुशी बेहद सहम गई थी और भाई व पिता को ले जाए जाने के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में आ गई, जिसके बाद उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।

आधी रात को पुल से लगाई छलांग

परिवार के सदस्य किशोरी खुशी को संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह मानसिक रूप से इतनी टूट चुकी थी कि रात करीब 12 से 1 बजे के बीच वह चुपचाप घर से निकल गई। वह सीधे यमुना नदी के लोहे के पुल पर पहुंची और उफनती नदी में छलांग लगा दी।
घटना की खबर मिलते ही लोहे के पुल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर यमुनापार थाना पुलिस, कोतवाली पुलिस और एसडीएम ऊषा सिंह मौके पर पहुंचे।

नाविकों का गुस्सा

किशोरी को बचाने के लिए स्थानीय नाविक तुरंत नदी में कूदे और काफी मशक्कत के बाद खुशी के शव को बाहर निकाला। इस दौरान नाविकों और स्थानीय लोगों ने नगर निगम के प्रति भारी नाराजगी व्यक्त की। मौके पर नगर निगम का कोई भी आधिकारिक गोताखोर मौजूद नहीं था। नाविकों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रशासन के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे।

प्रशासन का आश्वासन

बेटी की मौत से गुस्साए परिजनों ने शुरुआत में शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया। वे पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। हालांकि, एसडीएम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

एसडीएम ऊषा सिंह ने मीडिया को बताया है कि “परिवार की ओर से पुलिस के खिलाफ लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।” फिलहाल, इस घटना ने पुलिस के ‘संवेदनशील’ होने के दावों पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

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