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Mathura News: ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में राम जन्मोत्सव की धूम; प्रभु का हुआ पंचामृत अभिषेक

by Tarun Bhardwaj • March 27, 2026
Grand Celebrations of Ram Janmotsav at Thakur Dwarkadhish Temple

Mathura News: ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में राम जन्मोत्सव की धूम; प्रभु का हुआ पंचामृत अभिषेक

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यूनिक समय, मथुरा। रामनवमी के पावन पर्व पर ब्रजमंडल की अनूठी परंपरा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के प्रसिद्ध ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में आज भगवान द्वारकाधीश का ‘श्रीराम’ के रूप में भव्य श्रृंगार किया गया। कृष्ण की नगरी मथुरा में प्रभु के इस ‘रघुनाथ’ स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे और पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान हो गया।

पंचामृत अभिषेक के साथ जन्मोत्सव का शुभारंभ

मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि रामनवमी के उपलक्ष्य में प्रातः काल ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज का भव्य पंचामृत अभिषेक किया गया। यह अभिषेक प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के प्रतीक के रूप में संपन्न हुआ। ब्रज की परंपरा के अनुसार, यद्यपि यहाँ भगवान कृष्ण की लीलाओं का प्रधानता से गायन होता है, परंतु रामनवमी पर प्रभु को उनके राम स्वरूप में पूजने की विशेष परंपरा रही है।

मंदिर में आज का विशेष श्रृंगार उस ऐतिहासिक प्रसंग पर आधारित है, जब रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ब्रज पधारे थे। राकेश तिवारी ने बताया कि जब तुलसीदास जी को ब्रज में अपने आराध्य प्रभु राम के दर्शन नहीं हुए, तब उन्होंने अपनी अनन्य भक्ति प्रकट करते हुए कहा था:

“कहा कहूँ छवि आपकी, भले बने हो नाथ।
तुलसी मस्तक तब नवै, धनुष-बाण लेहु हाथ।।”

भक्त की इस निश्छल पुकार को सुनकर करुणानिधान श्री कृष्ण ने अपनी मुरली और मुकुट को छिपाकर हाथ में धनुष-बाण धारण कर लिया और तुलसीदास जी को श्री राम रूप में दर्शन दिए। इसी भाव को चरितार्थ करते हुए आज द्वारकाधीश मंदिर में कहा गया:

“मुरली मुकुट दुराय कै, धरयो धनुष कर नाथ,
तुलसी लखि रुचि दास की, कृष्ण भए रघुनाथ”

भक्तों का उमड़ा सैलाब

भगवान के इस दुर्लभ ‘राम स्वरूप’ दर्शन के लिए मथुरा और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पीले वस्त्रों और विशेष आभूषणों से सुसज्जित ठाकुर जी के मस्तक पर सूर्य तिलक की आभा और हाथों में कोदंड धनुष देख भक्त आनंदित हो उठे। रामनवमी के इस अवसर पर मंदिर में विशेष बधाई गायन और भजनों का आयोजन भी किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

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यह भी पढ़े: Ram Navami: अयोध्या में प्रभु रामलला का हुआ भव्य सूर्य तिलक; सूर्य की नीली किरणों ने करीब 4 मिनट तक प्रभु के ललाट का अभिषेक

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