Thu, Jun 25th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Mathura News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

by Tarun Bhardwaj • March 20, 2026
President Droupadi Murmu sought blessings from Sant Premanand Maharaj in Vrindavan

Mathura News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

यूनिक समय, मथुरा। कान्हा की नगरी वृंदावन की पावन गलियों में आज एक अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जब देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विख्यात संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के आश्रम पहुंचकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। राष्ट्रपति के इस ब्रज दौरे ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक सेतु को और भी मजबूत कर दिया है। रिमझिम बारिश और सुरक्षा के अभेद्य घेरे के बीच, राष्ट्रपति मुर्मू ने इस्कॉन और प्रेम मंदिर के दर्शन करने के बाद विशेष रूप से प्रेमानंद महाराज से भेंट की।

आध्यात्मिक संवाद और समाज सेवा पर चर्चा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और संत प्रेमानंद महाराज के बीच यह भेंट केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें गहरे आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा हुई। महाराज जी ने राष्ट्रपति को ब्रज की अनूठी भक्ति परंपरा, राधा नाम की महिमा और यमुना संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। राष्ट्रपति ने महाराज जी के सामाजिक सेवा कार्यों और उनके द्वारा समाज को दी जा रही सकारात्मक दिशा की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने में संतों की भूमिका अतुलनीय है।

प्रेम मंदिर और इस्कॉन में भव्य स्वागत

इससे पहले, राष्ट्रपति का वृंदावन पहुंचने पर बैंड-बाजों की धुन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस्कॉन मंदिर में दर्शन के दौरान उन्होंने आरती में भाग लिया और भक्तिमय वातावरण का आनंद लिया। वहीं, प्रेम मंदिर में आयोजित भव्य लेजर शो ने राष्ट्रपति का मन मोह लिया। इस दिव्य शो को देखकर राष्ट्रपति मंत्रमुग्ध हो गईं और उनकी जुबां से निकला, “यह तो बहुत ही सुंदर और अद्भुत है।”

आशीर्वाद स्वरूप भेंट और स्मृति चिन्ह

भेंट के अंत में, संत प्रेमानंद महाराज ने राष्ट्रपति मुर्मू को आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद, तुलसी की माला और एक स्मृति चिन्ह भेंट किया। राष्ट्रपति ने भी देश के कल्याण और समृद्धि के लिए महाराज जी से आशीर्वाद मांगा। सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया था और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। इस ऐतिहासिक मुलाकात ने यह संदेश दिया कि आधुनिक भारत के शीर्ष पद पर आसीन व्यक्तित्व भी देश की प्राचीन संत परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति उतनी ही श्रद्धा रखता है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Middle East War: ईरान ने दुनिया के सबसे घातक F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को मार गिराने का किया दावा; अमेरिका ने की पुष्टि

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

33°C गर्मी में ‘हुडी’ पहनने की एक भूल ने खोला मर्डर का राज यूपी बीजेपी के नए संगठन की आधिकारिक सूची जारी Maruti Brezza का नया Facelift मॉडल जल्द होगा लांच क्रिकेटर आकाश दीप ने अक्षिता राज संग रचाई शादी वेनेजुएला में हाई तीव्रता के दोहरे भूकंपो से मची भारी तबाही आईटी और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 893 अंक टूटा टीम इंडिया की जर्सी देख भावुक हुए वैभव सूर्यवंशी सीयूईटी यूजी का रिजल्ट घोषित