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Mathura News: ‘जोधपुर झाल’ से होगी एशियन वाटरबर्ड सेंसस की शुरुआत; आगरा मंडल के 4 वेटलैंड्स पर होगी गणना

by Tarun Bhardwaj • January 15, 2026
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यूनिक समय, मथुरा। आगरा मंडल के चार प्रमुख वेटलैंड्स पर जलीय पक्षियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की गणना होने जा रही है। एशियन वाटरबर्ड सेंसस-2026 के अंतर्गत इस गणना की शुरुआत उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा विकसित मथुरा के जोधपुर झाल वेटलैंड से की जाएगी। इस बार एटा का पटना पक्षी विहार पहली बार इस गणना में शामिल किया गया है।

एशियन वाटरबर्ड सेंसस-2026 के अंतर्गत 18 से 22 जनवरी तक चार वेटलैंड्स पर गणना की जाएगी। इन वेटलैंड्स में दो रामसर साइट, एक पक्षी विहार तथा एक ईको-टूरिज्म वेटलैंड शामिल हैं। दक्षिण एशियाई देशों में वेटलैंड्स पर निर्भर स्थानीय एवं प्रवासी जलीय पक्षियों की यह गणना प्रतिवर्ष वेटलैंड्स इंटरनेशनल द्वारा कराई जाती है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।

गणना के संयोजक एवं बीआरडीएस संस्था के ईकोलॉजिस्ट डॉ. केपी. सिंह ने बताया कि इस गणना में बीआरडीएस के विशेषज्ञों के साथ नेशनल चंबल सेंचुरी प्रोजेक्ट, वन विभाग, विभिन्न विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं शोधार्थी भाग लेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 जनवरी 2026 को जोधपुर झाल वेटलैंड (मथुरा), 19 जनवरी को सूर सरोवर (कीठम), आगरा, 21 जनवरी को पटना पक्षी विहार, एटा तथा 22 जनवरी को समान बर्ड सेंचुरी, मैनपुरी में जलीय पक्षियों की गणना विशेषज्ञों के निर्देशन में होगी। आगरा मंडल के इन वेटलैंड्स पर वेटलैंड्स इंटरनेशनल के अंतर्गत यह गणना कार्यक्रम वन विभाग के सहयोग से बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी (बीआरडीएस) द्वारा संचालित किया जाएगा।

वेटलैंड्स इंटरनेशनल के उत्तर प्रदेश कोऑर्डिनेटर नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि एशियन वाटरबर्ड सेंसस भारत की राष्ट्रीय कार्य योजना में शामिल मध्य एशियाई फ्लाईवे के अंतर्गत आने वाले प्रवासी पक्षियों एवं उनके आवासों के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसे भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है।

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