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Mathura News: बांके बिहारी मंदिर में ‘वसूली का खेल’; ‘फूल बंगला’ के नाम पर श्रद्धालुओं की जेबें खाली करने की साजिश

by Tarun Bhardwaj • April 23, 2026
'Extortion Racket' at Banke Bihari Temple

Mathura News: बांके बिहारी मंदिर में ‘वसूली का खेल’; ‘फूल बंगला’ के नाम पर श्रद्धालुओं की जेबें खाली करने की साजिश

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यूनिक समय, मथुरा। धर्मनगरी वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध ठा. बांके बिहारी मंदिर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने करोड़ों भक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुँचाई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी की तमाम सख्ती और निगरानी के दावों के बीच, मंदिर के अंदर सेवायतों की मनमानी और ‘वसूली का धंधा’ बेखौफ जारी है। मंदिर परिसर में जो कुछ हुआ, उसने न केवल बिहारी जी की मर्यादा को तार-तार किया, बल्कि आम श्रद्धालुओं के सब्र का बांध भी तोड़ दिया।

बिहारी जी के सामने ‘दरबार

आज राजभोग सेवा के दौरान मंदिर के गर्भगृह में मर्यादाओं की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। सेवायतों ने अपने खास यजमानों को वीआईपी ट्रीटमेंट देने के लिए बिहारी जी के मुख्य सिंहासन के ठीक सामने कुर्सियां लगा दीं। जहाँ आम भक्त घंटों कतार में लगकर एक झलक पाने को तरसते हैं, वहीं सेवायतों द्वारा मंदिर के भीतर ही ‘निजी दरबार’ सजाने की इस हरकत ने भक्तों को आक्रोशित कर दिया है। इसे मंदिर की पवित्रता और बांके बिहारी जी की गरिमा के खिलाफ एक बड़ा खिलवाड़ माना जा रहा है।

‘फूल बंगला’ के नाम पर फ्रॉड

मंदिर के गलियारों से ‘गुरु कृपा’ के नाम पर चल रहे एक बड़े आर्थिक खेल का खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, आज का पुष्प बंगला ‘मनोज गोस्वामी’ द्वारा आयोजित था, लेकिन बैनर पर जानबूझकर नाम अस्पष्ट रखा गया। आरोप है कि बैनर पर केवल ‘गुरु कृपा’ लिखवाकर सेवायतों ने कई अलग-अलग श्रद्धालुओं को भ्रम में रखा। रसीद किसी एक के नाम की काटी गई, लेकिन ‘उगाही’ कई अन्य लोगों से यह कहकर की गई कि बंगला उनके सौजन्य से है। चर्चा है कि आने वाले दिनों में ‘तेरा तुझको अर्पण’ नाम से एक और बंगला सजेगा, जिसके पीछे भी कई श्रद्धालुओं की जेबें खाली करने की सोची-समझी साजिश रची गई है।

मंदिर की साख पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि इस ‘फ्रॉड गिरी’ के खिलाफ अब मंदिर के अन्य सेवायत ही आवाज उठाने लगे हैं। कुछ सेवायतों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चंद पैसों की लालच में कुछ लोग मंदिर की छवि को धूमिल कर रहे हैं। नियमानुसार, बैनर पर केवल उसी व्यक्ति का नाम होना चाहिए जिसके नाम की आधिकारिक रसीद कटी है, लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रखकर ‘वसूली का नंगा नाच’ चल रहा है।

हाई पावर कमेटी की चुप्पी पर उठे सवाल

भक्त अब सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। क्या सीसीटीवी कैमरों और कमेटी की निगरानी के बावजूद इस तरह की धांधली संभव है? क्या इन ‘कुत्सित मानसिकता’ वाले सेवायतों पर कोई कानूनी नकेल कसी जाएगी या आस्था के केंद्र में यह लूटतंत्र ऐसे ही फलता-फूलता रहेगा? वृंदावन के स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

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