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बरसाना की पहाड़ियों का अब होगा प्राकृतिक श्रृंगार, रांकोली से होगी शुरुआत

by Arpita Singh • April 16, 2025
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यूनिक समय, मथुरा। ब्रज की पुण्य भूमि बरसाना अब और भी अधिक हरी-भरी और आकर्षक दिखाई देगी। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने बरसाना की पहाड़ियों को प्राकृतिक रूप से संवारे जाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस पहल की शुरुआत रांकोली की पहाड़ी से हो रही है, जिसे 2024-25 की दस स्वीकृत परियोजनाओं में शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने इस परियोजना को अपनी मंजूरी भी दे दी है।

राधारानी के गांव बरसाना में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, विशेष रूप से रोपवे शुरू होने के बाद से। इसे ध्यान में रखते हुए विकास परिषद ने राजस्थान सीमा से सटी पहाड़ियों को हरियाली से आच्छादित करने की योजना तैयार की है। रांकोली की पहाड़ी, जो लगभग 98 हेक्टेयर में फैली है, वहां तारबंदी के बाद ईको रेस्टोरेशन कार्य किया जाएगा। इसमें वृक्षारोपण, जल संरक्षण और सांस्कृतिक संचालन जैसे कदम शामिल होंगे।

रांकोली के साथ-साथ सखीगिरी पर्वत और ढवाला पहाड़ी को भी इस परियोजना के अंतर्गत हराभरा किया जाएगा। वर्तमान में यह क्षेत्र लगभग वनविहीन हो चुका है।

ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि इस परियोजना की कुल लागत 2.11 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1.30 करोड़ की राशि पहले ही अवमुक्त कर दी गई है। परियोजना में एक विशेषज्ञ संस्था का सहयोग भी लिया जा रहा है।

2024-25 की स्वीकृत प्रमुख योजनाएं

  • गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर सौंदर्यीकरण व साइनेज कार्य
  • यमुना घाटों का पुनरुद्धार और विकास
  • जचौदा गांव में शिल्पग्राम और जनसुविधा विकास
  • वृंदावन परिक्रमा मार्ग में सीसीटीवी, पीए सिस्टम, आईटीएमएस की स्थापना
  • यमुना घाटों पर क्रूज संचालन
  • वृंदावन में मल्टीलेवल कार पार्किंग
  • बरसाना में रांकोली पहाड़ी की फेंसिंग
  • बरसाना और वृंदावन में टीएफसी (पर्यटक सुविधा केंद्र) का विस्तार
  • पौराणिक वनों का संरक्षण और विकास

परिषद ब्रज क्षेत्र के 36 पवित्र स्थलों को उनके ऐतिहासिक स्वरूप में लौटाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके अंतर्गत कीकर व बबूल जैसे पेड़ों को हटाकर श्रीकृष्ण काल के पौधों का रोपण किया जाएगा। इस कार्य के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति प्राप्त की जा चुकी है।

वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोकुल जैसे तीर्थ स्थलों पर पर्यटक सुविधा केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं को कम लागत में ठहरने और शुद्ध शाकाहारी भोजन की सुविधा मिलेगी। वृंदावन के टीएफसी में यह सेवा उज्ज्वल ब्रज संस्था द्वारा लंबे समय से संचालित की जा रही है।

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