यूनिक समय, नई दिल्ली। पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले की पहली बरसी पर आज पूरा देश उन निर्दोष नागरिकों को याद कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान गंवाई थी। इस भावुक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीदों और मृतकों को नमन करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त और अडिग संकल्प को दोहराया। पीएम मोदी का भावुक संदेश प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि उन निर्दोष लोगों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आतंकियों और उनके आकाओं को चेतावनी देते हुए कहा "हम दुख और संकल्प में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनों को खोया है।" भारतीय सेना का कड़ा रुख वहीं, भारतीय सेना ने भी इस मौके पर आतंकवादियों और सीमा पार बैठे उनके सरपरस्तों को सीधा संदेश दिया है। सेना ने 'Operation Mahadev' से जुड़ा एक ग्राफिक्स साझा करते हुए कहा कि भारत के खिलाफ की गई किसी भी हरकत का हिसाब चुकता करना तय है। सेना ने बताया कि कैसे Operation Mahadev के तहत पहलगाम हमले के दोषियों को उनके अंजाम तक पहुँचाया गया। हमले के तुरंत बाद सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर सीमा पार आतंकी अड्डों को तबाह कर न्याय सुनिश्चित किया था। क्या हुआ था पिछले साल? पिछले वर्ष आज ही के दिन पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर एक कायराना हमला किया गया था। आतंकियों ने निर्दोष नागरिकों की पहचान पूछकर उन पर गोलियां बरसाई थीं, जिससे देश भर में आक्रोश की लहर दौड़ गई थी। आज उस हमले की पहली बरसी पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक लोग एकजुट होकर आतंकवाद के खात्मे का संकल्प ले रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था और संकल्प हमले की बरसी को देखते हुए घाटी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सेना और स्थानीय प्रशासन ने शहीदों की याद में कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। प्रधानमंत्री और सेना के इन बयानों ने साफ कर दिया है कि नए भारत की नीति अब 'जीरो टॉलरेंस' की है और देश की अखंडता से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Kedarnath Dham: आज शुभ मुहूर्त में खुले केदारनाथ धाम के कपाट; 51 क्विंटल फूलों से महकी केदारपुरी [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]