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वृंदावन कुंभ का दर्पण है पुस्तक ब्रज वैभव: नारायण दास, कुंभ पूर्व बैष्णव  बैठक पर स्मारिका के रूप में विशेषांक ‘ब्रज वैभव’ का लोकार्पण

by Raju Chaurasia • November 24, 2021
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संवाददाता
वृंदावन। उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप सिंह, जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल और केडी मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन डा.रामकिशोर अग्रवाल ने ‘उज्ज्वल ब्रज’ के संस्थापक सदस्यों के साथ पुस्तक  ‘ब्रज वैभव’ का लोकार्पण किया।

टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर (टीएफसी) में आयोजित कार्यक्रम में संस्था उज्ज्वल ब्रज के सदस्य कल्याणं करोति के महासचिव सुनील शर्मा, उद्योगपति पवन चतुर्वेदी, सचिव अनंत शर्मा के अलावा टेकमैन ग्रुप के नीरव अग्रवाल निमेष, एमवीडीए के सचिव राजेश कुमार,  एमवीडीए के विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर सिंह, यूनिक समय के संपादक पवन गौतम तथा  सुनील शर्मा ने भी पुस्तक ‘ब्रज वैभव’ ग्रहण कर इसका लोकार्पण किया।

सीईओ नगेंद्र प्रताप ने बताया कि उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने फरवरी-मार्च 2021 में वृंदावन में कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक (कुंभ मेला) का सफल आयोजन किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देशन में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और परिषद के उपाध्यक्ष  शैलजा कांत मिश्र की देखरेख में यह आयोजन हुआ। अभी तक के मेलों में अभूतपूर्व रहा। नगर निगम और एमवीडीए समेत तमाम विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों ने दिन रात मेहनत की। जीएलए विश्वविद्यालय कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने संस्था उज्जवल ब्रज द्वारा प्रकाशित कराई इस पुस्तक के लिए सीईओ नगेंद्र प्रताप व लेखक को बधाई दी।  उन्होंने इस पुस्तक को वृंदावन कुंभ का दर्पण बताया।

केडी मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि मेला जितना भव्य और अभूतपूर्व था, वैसे ही ये पुस्तक बेहद शानदार है।  कल्याण करोति के महासचिव सुनील शर्मा ने कहा कि आयोजन की भव्यता को शब्दों और चित्रों के जरिए बहुत शानदार तरीके से पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। टेकमैन ग्रुप के  नीरव अग्रवाल निमेष ने कहा कि उज्ज्वल व संस्था की अपनी बड़ी पहचान है।  पुस्तक ब्रज वैभव में लेखक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि मेले की इन  विविधताओं को रंगीन चित्रों समेत अपने शब्दों में इस पुस्तक में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक कुंभ पूर्व बैष्णव  बैठक विशेषांक है जो स्मारिका के रूप में है। चित्रों के जरिए बहुत से विकास कार्य एवं सांस्कृतिक पुनरुत्थान की गतिविधियों को पाठकों तक पहुंचाया गया है।

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