Sat, Jun 20th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

कोर्ट ने दिल्ली सरकार को लगाई फटकार, कहा जब मौसम खराब होता है, तब उपाए किए जाते हैं…

by Raju Chaurasia • November 24, 2021
Advertisement
Ad

नई दिल्ली। वायु प्रदूषण अभी भी खतरनाक स्थिति में बना हुआ है। 24 नवंबर की सुबह वायु गुणवत्‍ता सूचकांक 280 हो गया। इससे एक दिन पहले यह 290 था। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र(IMD) के सीनियर वैज्ञानिक आरके जेनामनी के मुताबिक, दिल्ली में हवाओं की रफ्तार 20-30 किमी/घंटे बनी हुई है। ऐसा पिछले 22 दिनों के बाद हुआ है। इससे वायु प्रदूषण में कमी आई है। लेकिन अगले 2 दिनों में फिर से प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई गई है।

दिल्ली में पॉल्युशन का मामला सुप्रीम कोर्ट(Supreme court) सुनवाई रहा है। इस पर 24 नवंबर को भी सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना( N V Ramana), जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने इस दिशा में सरकारी प्रयासों को लेकर नाराजगी जताई थी। सरकारों ने अपने तरफ से क्या प्लानिंग की है, इसी को लेकर आज भी सुनवाई हुई।

दिल्ली-NCR में फैले प्रदूषण पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि मौसम जब गंभीर होता है, तब उपाए किए जाते हैं। वह वायु प्रदूषण मामले को बंद नहीं करेगा और अंतिम आदेश नहीं देगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वह इस मामले की सुनवाई करता रहेगा। सुप्रीम कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को करेगा। SC ने केंद्र से अगले दो-तीन दिनों तक वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों को जारी रखने को कहा। इस बीच, अगर प्रदूषण का स्तर 100 हो जाता है, तो कुछ प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं पराली जलाने के मुद्दे पर, भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि एक सरकारी वकील और हम न्यायाधीश इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं, नौकरशाही क्या कर रही है? CJI का सुझाव है कि वे किसानों से बात कर सकते हैं, वैज्ञानिकों को शामिल कर सकते हैं और निर्णय ले सकते हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल(Arvind Kejriwal) लगातार वायु गुणवत्‍ता सूचकांक (air quality index-AQI) tweet कर रहे हैं। 23 नवंबर को यह 290 था। 22 नवंबर को 311, जबकि 21 नवंबर को AQI 349 था। 20 नवंबर को यही 374 था।

केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक एयर क्वालिटी इंडेक्स 0 से 50 के बीच अच्छा माना जाता है। 51 से 100 के बीच यह संतोषजनक और 101 से 200 के बीच मध्यम माना जाता है। 201 से 300 के बीच की श्रेणी को खराब और 301 से 400 के बीच यह बेहद खराब माना जाता है। 400 के बाद की श्रेणी अति गंभीर मानी जाती है।

दिल्ली में पॉल्युशन रोकने लगाई गईं पाबंदियों की समीक्षा करने 22 नवंबर को बैठक(review meeting) बुलाई गई थी। बैठक पर्यावरण मंत्री गोपाल राय(Gopal Rai) के घर पर हुई थी। बैठक के बाद मंत्री ने बताया था कि सरकारी कर्मचारी 26 नवंबर तक वर्क फ्रॉम होम करते रहेंगे। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर 26 नवंबर को फैसला लिया जाएगा। 26 नवंबर तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया, जबकि 24 नवंबर को वर्क फ्रॉम होम और स्कूल खोलने पर निर्णय लिया जाएगा। प्रदूषण रोकने दिशा में 585 मॉनिटरिंग टीमें बनाई गई हैं। इस दिशा में 14 सूत्रीय दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। गोपाल राय ने बताया कि गाड़ी का PUCC नहीं होने पर 4000 से अधिक गाड़ियों का 10 हजार का चालान काटा गया है। 22 नवंबर से दिल्ली में 550 बसें उतारी गई हैं। इन पर पर्यावरण बस सेवा लिखा होगा।

 

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.