यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से देर रात एक बड़ा 'मेगा ट्रांसफर' अभियान चलाया है। शासन ने 40 आईएएस (IAS) अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए करीब डेढ़ दर्जन जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को इधर से उधर कर दिया है। इस फेरबदल में न केवल जिलों की कमान बदली गई है, बल्कि बिजली विभाग और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण महकमों में भी नए शीर्ष अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन प्रमुख जिलों को मिले नए 'कलेक्टर' प्रशासनिक सूची के अनुसार, कई अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है: आगरा: मनीष बंसल (सहारनपुर से स्थानांतरित) झांसी: गौरांग राठी (उन्नाव से स्थानांतरित) लखीमपुर खीरी: अंजनी कुमार सिंह (मैनपुरी से स्थानांतरित) सहारनपुर: अरविंद कुमार चौहान (शामली से स्थानांतरित) उन्नाव: घनश्याम मीणा (हमीरपुर से स्थानांतरित) मैनपुरी: डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी (औरैया से स्थानांतरित) बुलंदशहर: कुमार हर्ष (सुल्तानपुर से स्थानांतरित) श्रावस्ती: अन्नपूर्णा गर्ग अमरोहा: नितिन गौड़ रायबरेली: सरनीत कौर ब्रोका फतेहपुर: निधि गुप्ता वत्स औरैया: बृजेश कुमार पदोन्नति और महत्वपूर्ण नियुक्तियां इस फेरबदल में कुछ अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारियां और पदोन्नति भी दी गई है। दुर्गा शक्ति नागपाल: लखीमपुर की डीएम से अब कमिश्नर, देवीपाटन मंडल बनाई गई हैं। अरविंद मल्लप्पा बांगरी: आगरा के डीएम पद से हटाकर उन्हें मुख्यमंत्री का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। किंजल सिंह: अब माध्यमिक शिक्षा विभाग में सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगी। नीतीश कुमार: उन्हें एमडी, यूपी पावर कॉरपोरेशन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। आशुतोष निरंजन: परिवहन आयुक्त के रूप में नई पारी शुरू करेंगे। श्रुति: बुलंदशहर की डीएम से एमडी, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, आगरा। CDO स्तर पर बदलाव जमीनी स्तर पर विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों में भी भारी बदलाव किया गया है। झांसी, हापुड़-पिलखुवा और अमेठी जैसे क्षेत्रों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। प्रशासनिक करवाई का उद्देश्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह फेरबदल आगामी विकास लक्ष्यों और प्रशासनिक दक्षता (Administrative Efficiency) को बढ़ाने के लिए किया गया है। कई जिलों में कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया है। अचानक हुई इस बड़ी 'सर्जरी' से प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है, क्योंकि कई दिग्गज अधिकारियों के कद और कार्यक्षेत्र में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: नगर निगम ने चलाया चेकिंग अभियान; सड़कों से हटाए 300 अवैध होर्डिंग, भारी मात्रा में पॉलिथीन जब्त [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]