यूनिक समय, नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर के चंदे को लेकर खड़े हुए नए विवाद पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद सख्त और बड़ा बयान दिया है। सीएम योगी ने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए जनता के सामने उनका इतिहास याद दिलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर और अयोध्या की पावन भूमि को बदनाम करने की किसी भी राजनीतिक साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। "राम को नकारने वाले आज रच रहे साजिश" - सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर दोहरा चरित्र अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की जनता आज भी भूली नहीं है कि इसी अयोध्या की धरती पर किस तरह निहत्थे राम भक्तों पर गोलियां चलवाई गई थीं। विपक्ष को घेरते हुए सीएम योगी ने कहा, "यह इनका दोगला चरित्र ही है कि जिस कांग्रेस ने कभी अदालत में लिखित शपथ पत्र देकर भगवान श्रीराम के अस्तित्व को ही मानने से इनकार कर दिया था, वह पार्टी आज मंदिर के नाम पर मचल रही है। कांग्रेस ने हर संभव कोशिश की थी कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर न बन पाए और देश के सामने पहचान का संकट खड़ा हो जाए। वहीं, राम भक्तों पर गोली चलाने वाली समाजवादी पार्टी आज अयोध्या को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की साजिश रच रही है।" '15 दिन और इंतजार करें रामभक्त' - सीएम योगी मुख्यमंत्री ने राम भक्तों और आम जनता से भावुक अपील करते हुए संयम बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने हमें हमेशा मर्यादा का पाठ पढ़ाया है और इसी मर्यादा का पालन करते हुए देशवासियों ने मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक लंबा संघर्ष किया है। उन्होंने कहा, "मेरी सभी राम भक्तों से करबद्ध अपील है कि वे सिर्फ 15 दिन और इंतजार करें और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या चिंता न करें। अयोध्या की पवित्र भूमि को बदनाम करने वालों के बहकावे में बिल्कुल न आएं। ये वो लोग हैं जो कभी नहीं चाहते थे और न आज चाहते हैं कि अयोध्या को उसका खोया हुआ गौरव और सम्मान वापस मिले। जिन्होंने खुद कभी रामलला के दर्शन नहीं किए और अपने विधायकों तक को अयोध्या आने से रोका, वे आज अयोध्या के इस भव्य और दिव्य स्वरूप को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।" कोई सबूत है तो SIT को सौंपें - सीएम योगी एसआईटी (SIT) जांच का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले की गहराई से जांच करा रही है और बहुत जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी सबके सामने होगा। उन्होंने विपक्ष और अन्य संगठनों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी के पास चंदा चोरी या किसी भी गड़बड़ी से जुड़ा कोई वास्तविक दस्तावेज या सबूत है, तो वह उसे मीडिया में उछालने के बजाय सीधे एसआईटी को सौंपे ताकि जांच में मदद मिल सके। उन्होंने राम भक्तों से अनुरोध किया कि जब तक आधिकारिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे किसी भी तरह की बयानबाजी से बचें ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। सीएम योगी ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में रही सपा और बसपा सरकारों पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का बड़ा आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों को सिर्फ कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल बनाने से ही फुर्सत नहीं थी, इसलिए वे विकास और राष्ट्रनायकों को भूल गईं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जो सरकारें दिन-रात कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में उलझी थीं, वे अयोध्या का विकास कैसे करतीं और वीरांगना झलकारी बाई जैसी महान विभूतियों की प्रतिमा कैसे लगवाते? उन सरकारों ने न केवल हमारे पूजनीय वीरों का अपमान किया, बल्कि पूरी अयोध्या को बुनियादी सुविधाओं और सम्मान से वंचित रखकर इसका भी घोर अपमान किया।" नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking News: Rockstar Games ने की ‘GTA 6’ के प्री-ऑर्डर तारीख की घोषणा; जानें कब होगा लॉन्च ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]