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‘जल पुरुष’ सुभाष चौधरी ने 60 साल से सूखे तालाब में लौटाया जीवन अभयपुरा बना अमृत सरोवर

by यूनिक समय • December 22, 2025
Abhaypura became an Amrit Sarovar

‘जल पुरुष’ सुभाष चौधरी ने 60 साल से सूखे तालाब में लौटाया जीवन अभयपुरा बना अमृत सरोवर

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मुख्य संवाददाता यूनिक समय, मथुरा। जहां मजबूत इच्छाशक्ति और समाज का साथ हो, वहां असंभव भी संभव हो जाता है। इसका जीवंत उदाहरण मथुरा जनपद के सुरीर क्षेत्र गांव अभयपुरा (माना गढ़ी) में देखने को मिला है, जहां सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष चौधरी के अथक प्रयासों से करीब 60 वर्षों से सूखा पड़ा ऐतिहासिक तालाब अब जल से लबालब होकर ‘अमृत सरोवर’ में तबदील हो गया है।

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले इस गांव का तालाब कभी जलवायु, कृषि और ग्रामीण संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करता था, लेकिन दशकों से पूरी तरह सूख चुका था। श्री चौधरी ने इसे केवल एक तालाब नहीं, बल्कि गांव की आत्मा मानते हुए इसके पुनर्जीवन का संकल्प लिया। ग्रामीणों के सहयोग से गौरोला माइनर की अवरुद्ध नालियों की सफाई कराई कराकर अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भू-माफियाओं से संघर्ष किया।

तालाब से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित गौरोला माइनर (खुर्जा डिवीजन) से पानी लाने के लिए लगभग 1 किलोमीटर लंबी नाली की खुदाई स्वयं और ग्रामीणों की मदद से कराई। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए थे। लेकिन सुभाष ने हार नहीं मानी।

उन्होंने दिन-रात एक कर तकनीकी प्रयासों के जरिए गंगाजल को तालाब तक पहुंचाया है। इस अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों का भी सहयोग मिला। आज यह तालाब केवल जल संग्रहण का साधन नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों, किसानों, भूजल स्तर और जैव विविधता के लिए जीवनरेखा बन चुका है।

गांव में पेयजल संकट दूर हुआ है, सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और वर्षा जल संचयन का प्राकृतिक केंद्र विकसित हुआ है। ग्रामीण नेपाल सिंह ने कहा कि इस पहल को गांव के सभी महिलाओं व पुरुषों का सहयोग भरपूर मिला है।

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