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YouTube’s ‘Smart’ Parental Controls: अब माता-पिता तय करेंगे बच्चों का ‘शॉर्ट्स’ टाइम; 2026 में आ रहे हैं ये सेफ्टी फीचर्स

by Tarun Bhardwaj • January 15, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। डिजिटल युग में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर माता-पिता की चिंताएं अब खत्म होने वाली हैं। इंस्टाग्राम के बाद अब दुनिया के सबसे बड़े वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब (YouTube) ने साल 2026 के लिए अपनी नई ‘पैरेंटल कंट्रोल’ पॉलिसी का ऐलान कर दिया है। इन नए बदलावों के साथ, अब आप न केवल यह देख पाएंगे कि आपके बच्चे क्या देख रहे हैं, बल्कि उनके मनोरंजन के समय पर आपका पूरा नियंत्रण होगा। खासकर ‘Gen Z’ और टीनएजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किए गए ये फीचर्स बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण देने की दिशा में बड़ा कदम हैं।

‘शॉर्ट्स’ पर लगेगा लगाम:

YouTube का सबसे लोकप्रिय और लत लगाने वाला फीचर ‘शॉर्ट्स’ (Shorts) अब पूरी तरह माता-पिता के कंट्रोल में होगा। नए अपडेट के जरिए पेरेंट्स ‘डेली लिमिट’ सेट कर पाएंगे कि बच्चा दिन भर में कितनी देर शॉर्ट्स देख सकता है। यदि आप चाहते हैं कि बच्चा पढ़ाई या खेलकूद पर ध्यान दे, तो आप टाइमर को ‘0’ पर सेट करके शॉर्ट्स को पूरी तरह ब्लॉक भी कर सकते हैं। छुट्टियों या सफर के दौरान आप अपनी सुविधा के अनुसार इस समय सीमा को बढ़ा भी सकते हैं। साथ ही, ‘बेडटाइम’ रिमाइंडर यह सुनिश्चित करेगा कि बच्चा देर रात तक वीडियो न देखे।

सिर्फ ‘हाई-क्वालिटी’ कंटेंट की गारंटी

YouTube अब बच्चों को केवल वही वीडियो दिखाएगा जो उनके मानसिक विकास के लिए सही हैं। इसके लिए यूट्यूब ने UCLA और अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के विशेषज्ञों के साथ मिलकर नए ‘कंटेंट प्रिंसिपल्स’ तैयार किए हैं। यूट्यूब का एल्गोरिदम अब बच्चों को ‘लो क्वालिटी’ या समय बर्बाद करने वाले वीडियो के बजाय ज्ञानवर्धक और रचनात्मक कंटेंट ही रेकमेंड करेगा। नई गाइडलाइन्स माता-पिता को यह समझने में मदद करेंगी कि उनके बच्चों के लिए कौन सा कंटेंट सुरक्षित और शैक्षणिक है।

उम्र के हिसाब से ‘सेफ साइन-अप’

18 साल से कम उम्र के बच्चों (टीन्स) के लिए सुरक्षा की एक और परत जोड़ी गई है। अब मोबाइल ऐप में साइन-अप और अकाउंट स्विचिंग की प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवार का हर सदस्य अपनी उम्र के हिसाब से ही कंटेंट देखे। इससे बच्चे गलती से भी किसी ऐसे एडल्ट या अनुचित कंटेंट तक नहीं पहुंच पाएंगे जो उनकी उम्र के लिए उपयुक्त नहीं है।

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