यूनिक समय, नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने अपनी प्रतिष्ठित विश्व धरोहर सूची में दुनिया भर के 25 नए ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को शामिल किया है। भारत के लिए गर्व की बात यह है कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल 'सारनाथ' को भी इस वैश्विक सूची में जगह दी गई है। दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में 19 से 29 जुलाई तक आयोजित 'विश्व धरोहर समिति' के 48वें सत्र के दौरान यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। उत्तर प्रदेश के सारनाथ को मिला सम्मान वैश्विक धरोहरों की सूची में भारत के महान ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले 'सारनाथ' को बीते 25 जुलाई को औपचारिक रूप से शामिल किया गया। सारनाथ वही पवित्र स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। सारनाथ के अलावा दुनिया के कई अन्य प्रमुख स्थलों को भी इस सूची में शामिल किया गया है, जिनमें ईरान का आलमूत महल और उससे संबंधित किला, जॉर्डन का अकाबा समुद्री संरक्षित क्षेत्र, जापान की पुरानी राजधानियाँ असुका और फुजिवारा, उज्बेकिस्तान का ताशकंद मॉडर्निस्ट आर्किटेक्चर, साओ टोमे और प्रिंसिपे की 'रोकास' औपनिवेशिक कृषि प्रणाली तथा यूनान के माउंट ओलंपस के प्रमुख हिस्से शामिल हैं। विश्व धरोहर स्थलों की कुल संख्या हुई 1,273 यूनेस्को द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, इन 25 नए स्थलों की एंट्री के बाद अब 173 देशों में कुल विश्व धरोहर स्थलों की संख्या बढ़कर 1,273 हो गई है। कमेटी ने सर्वसम्मति और आपसी संवाद के आधार पर इन स्थलों का चयन किया, जिनमें 19 सांस्कृतिक स्थल, 5 प्राकृतिक स्थल और 1 मिश्रित स्थल शामिल हैं। इस सूची में शामिल होने के बाद इन सभी स्थलों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च मान्यता, वित्तीय सहायता और विशेष संरक्षण का लाभ मिलेगा। अगला सत्र इस्तांबुल में यूनेस्को के अनुसार यह सत्र अफ्रीका महाद्वीप के तीन देशों—कोमोरोस, साओ टोमे एवं प्रिंसिपे और दक्षिण सूडान—के लिए बेहद खास रहा, क्योंकि इतिहास में पहली बार इनके किसी स्थल को विश्व धरोहर सूची में जगह मिली है। संगठन ने बताया कि विश्व धरोहर समिति का अगला 49वां सत्र वर्ष 2027 में तुर्किये के ऐतिहासिक शहर इस्तांबुल में आयोजित किया जाएगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: CWG 2026: गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा का कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में धमाका; 79.61 मीटर थ्रो के साथ बनाई जगह ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]