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Mathura News: सिर्फ दो कमरों में चल रही हैं पांच कक्षाएं, 264 बच्चों का भविष्य खतरे में

by Arpita Singh • July 26, 2025
264 बच्चों का भविष्य खतरे में

Mathura News: सिर्फ दो कमरों में चल रही हैं पांच कक्षाएं, 264 बच्चों का भविष्य खतरे में

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यूनिक समय, मथुरा। कस्बे की आदर्श प्राथमिक विद्यालय की हालत बेहद चिंताजनक हो चुकी है। वर्ष 1962 में बने इस स्कूल की इमारत अब पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद यहां 264 बच्चों की पढ़ाई किसी तरह जारी है। मात्र दो कमरे और पुराने बरामदे ही अब तक उपयोग में हैं, जिनमें पांच कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।

इन कमरों की क्षमता अधिकतम 50 विद्यार्थियों की है, लेकिन एक-एक कमरे में सौ से अधिक बच्चे बैठने को मजबूर हैं। गर्मी और बिजली की कटौती के बीच बच्चों को बेहद दयनीय स्थिति में पढ़ाई करनी पड़ रही है। एक ही कमरे में दो से तीन कक्षाएं संचालित होती हैं, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है।

63 साल पुरानी इमारत बनी खतरे की घंटी

स्कूल की मूल इमारत मिट्टी और ईंट से बनी थी, जिसकी मरम्मत सिर्फ एक बार हुई है। उस समय लोहे के गार्डर लगाए गए थे, जो अब पूरी तरह से गल चुके हैं। अभिभावकों नदीम और राकेश ने हाल ही में स्कूल का दौरा किया, जहां उन्होंने बरामदे के गार्डरों को जंग लगा और क्षतिग्रस्त पाया। इससे कभी भी छत गिरने का खतरा बना हुआ है।

पढ़ाई के साथ जान का खतरा

अभिभावकों का कहना है कि जान जोखिम में डालकर बच्चों को स्कूल भेजना उनकी मजबूरी है, लेकिन कई अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल भेजना कम कर दिया है। स्कूल की प्रधानाध्यापक वंदना सक्सेना ने बताया कि पुराने भवन की हालत बेहद खराब है, इसलिए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दो नए कमरों में ही सभी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।

सुविधाएं नहीं, लेकिन छात्रों की भीड़

यह सरकारी स्कूल कस्बे का एकमात्र ऐसा विद्यालय है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे पढ़ाई करते हैं। दो अन्य स्कूलों को इसमें समाहित कर दिया गया है, जिससे छात्र संख्या 264 तक पहुंच गई है। पढ़ाने के लिए 10 शिक्षक हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाएं लगभग न के बराबर हैं।

अधिकारियों का दावा- जल्द मिलेगी राहत

खंड शिक्षा अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने बताया कि एक जांच टीम के माध्यम से स्कूल की स्थिति का निरीक्षण कराया गया है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है और जल्द ही समाधान का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल, 264 बच्चों को सुरक्षित नए कमरों में पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जहां शिक्षा का अधिकार मौलिक है, वहीं इस सरकारी स्कूल की हालत इस अधिकार को ही चुनौती देती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री और प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही इस संकट का समाधान करेंगे ताकि बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

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