यूनिक समय, मथुरा। ब्रज में जैसे-जैसे सूर्य देव के तेवर तीखे हो रहे हैं, विश्वप्रसिद्ध श्रीबांकेबिहारी मंदिर में अपने आराध्य को शीतलता प्रदान करने के लिए विशेष सेवा और लाड़-लड़ाने की परंपरा शुरू हो गई है। ठाकुरजी को भीषण गर्मी से बचाने के लिए इन दिनों कोमल पुष्पों से बनी दिव्य पोशाक और आभूषण धारण कराए जा रहे हैं, जिन्हें देखकर भक्त भावविभोर हो रहे हैं। फूलों की पोशाक और कलियों के आभूषण ठाकुर श्रीबांकेबिहारी को मौसम के अनुकूल अत्यंत कोमल और सुगंधित फूलों से तैयार परिधान पहनाए जा रहे हैं। सेवायतों द्वारा विशेष रूप से तैयार कराए गए लहंगा, पाजामा, ओढ़नी और पटुका पूरी तरह फूलों से निर्मित हैं। मुकुट से लेकर हार, कुंडल, कमरबंद और बाजूबंद तक, सब कुछ रायबेल, कनेर और मोगरे की अधखिली कलियों से बनाया जा रहा है। इन विशेष पोशाकों को तैयार करने के लिए वृंदावन के स्थानीय कारीगरों के साथ-साथ दिल्ली और कोलकाता के विशेषज्ञ शिल्पकार भी दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं। स्वामी हरिदास जी के समय से चली आ रही परंपरा आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी के अनुसार, यह अनूठी परंपरा संगीत सम्राट स्वामी हरिदास जी के समय से चली आ रही है। मंदिर परिसर में सुगंधित फूलों से भव्य और मनोहारी 'फूल बंगले' सजाए जा रहे हैं, जिससे मंदिर का वातावरण प्राकृतिक रूप से शीतल और सुगंधित बना रहता है। आज भी सेवायत बड़ (बरगद) के पत्तों पर फूलों की कलियों से सुंदर आकृतियां उकेरते हैं, जो ब्रज की प्राचीन कला का जीवंत उदाहरण है। ठंडी तासीर वाले भोग का समर्पण गर्मी के कारण न केवल शृंगार, बल्कि ठाकुरजी के 'भोग' में भी बड़ा बदलाव किया गया है। आराध्य को अब ठंडाई, केसरयुक्त शर्बत और ताजे मौसमी फलों के रस अर्पित किए जा रहे हैं। भोग में ठंडी तासीर वाले व्यंजनों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि बिहारी जी को गर्मी से राहत मिल सके। भक्तों का उमड़ा सैलाब ठाकुरजी के इस दिव्य और शीतल 'सर्वांग पुष्प दर्शन' के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु वृंदावन पहुंच रहे हैं। मंदिर के अंदर की खुशबू और बिहारी जी की मनमोहक छवि भक्तों को एक अलग ही आध्यात्मिक शांति का अनुभव करा रही है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Hardoi: पीएम मोदी ने किया देश के सबसे लंबे ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ का लोकार्पण; मेरठ से प्रयागराज तक का सफर हुआ आसान [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]