Wed, Aug 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

चौंकाने वाली खबर: मरीज को दो बार बताया मृत अंतिम संस्कार की हुई तैयारी, कुछ देर बाद शख्स जिंदा!

by यूनिक समय • April 16, 2021

चौंकाने वाली खबर: मरीज को दो बार बताया मृत अंतिम संस्कार की हुई तैयारी, कुछ देर बाद शख्स जिंदा!

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

विदिशा (मध्य प्रदेश)। एक तरफ पूरे देश में कोनोना वायरस कहर बरपा रहा है, वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों की लापरवाही के मामले नहीं थम रहे हैं। मध्य प्रदेश के विदिशा से एक ऐसा चौंकाना वाला मामला सामने आया है। जहां संदिग्ध कोरोना मरीज को दो बार मृत बता घोषित कर दिया। परिवार वाले अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे, यहां तक कि श्मशान घाट तक पहुंच गए। फिर अस्पताल से एक फोन आया कि मरीज अभी जिंदा हो गया। पढ़िए हैरान कर देने वाला मामला…

दरअसल, यह मामला विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज का है। जहां गोरेलाल कोरी (58) नाम के व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ के बाद 12 अप्रैल को भर्ती कराया था। तीन दिन तक उसे संदिग्ध कोरोना पेशेंट मानकर वेंटिलेटर पर रख इलाज किया गया। गुरुवार शाम मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और डॉक्टरों को लगा कि उसकी हृदय गति रुक गई । अस्पताल स्टाफ ने परिजनों को फोन कर कहा कि गोरेलाल की मौत हो गई है, शव ले जाओ।

<p><br />
मौत की खबर सुनते ही परिवार में मातम छा गया। वह अंतिम संस्कार की तैयारी करने में जुट गए। लोग उनको फोन करके सांत्वना तक देने लगे। परिवार के सदस्य शव लेने के लिए अस्पताल पहुंच गए। जहां उनको कोरोना संदिग्ध का डेथ सर्टिफिकेट दे दिया गया। कुछ देर बाद जब वह आईसीयू वार्ड में पहुंचे तो उनके मरीज की सांसे चल रही थीं, यानि वह जिंदा थे।<br />
&nbsp;</p>

मौत की खबर सुनते ही परिवार में मातम छा गया। वह अंतिम संस्कार की तैयारी करने में जुट गए। लोग उनको फोन करके सांत्वना तक देने लगे। परिवार के सदस्य शव लेने के लिए अस्पताल पहुंच गए। जहां उनको कोरोना संदिग्ध का डेथ सर्टिफिकेट दे दिया गया। कुछ देर बाद जब वह आईसीयू वार्ड में पहुंचे तो उनके मरीज की सांसे चल रही थीं, यानि वह जिंदा थे।

मामला जब मीडिया के सामने पहुंचा तो मेडिकल कॉलेज के डीन सुनील नंदेश्वर ने कहा- मरीज वेंटिलेटर पर ही था उसकी अचानक हृदय गति रुक गई थी, लेकिन डेढ़ से 2 घंटे में हृदय को पंप किया गया तो सांसें आ गईं। यह थोड़ा सा कन्फ्यूजन नर्स के द्वारा हो गया था। बाद में हमने उनके परिजनों को बता दिया था कि आपका मरीज अभी जिंदा है, लेकिन हालत गंभीर बनी हुई है।

<p>मरीज गोरेलाल कोरी, जिनका विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में सीरियस हालत में इलाज जारी है।</p>

जिंदा रहने की खबर के बाद परिजनों में राहत की सांस ली। मरीज के बेटे कैलाश कोरी ने बताया कि जैसे ही हमारे पास अस्पताल से फोन आया कि शव मोर्चरी में रखा दिया है उसे ले जाएं तो हमारे होश उड़ गए। कुछ देर बाद जबं अंदर पहुंचे तो पिता वेंटिलेटर लेटे हुए थे, उनकी सांसे चल रही थीं।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.